कानून से भी लंबे हो गए डॉक्टर के हाथ

 

रात्रि गश्त में तैनात पुलिसकर्मियों से की मारपीट, दोनो पक्षों में आक्रोश

राहुल सिंह राणा, शहडोल। धरती का भगवान कहे जाने वाले चिकित्सक के हाथ जब कानून के रखवाले के गिरहबान तक पहुंच जाये तो फिर उसे धरती का भगवान कहलाने का कोई अधिकार नहीं रह जाता। सोहागपुर थानान्तर्गत बीती रात्रि एक ऐसा ही मामला सामने आया। प्राप्त जानकारी के अनुसार रात्रि करीब 1.30 बजे गश्त में तैनात पुलिसकर्मियों ने डॉ. कृष्णेन्द्र द्विवेदी से यह जानना चाहा कि वह इतनी रात कहां से आ रहे हैं और कहां जा रहे हैं…? पुलिसकर्मियों का सवाल सुनते ही डॉ. कृष्णेन्द्र द्विवेदी आगबबूला होकर मारपीट पर उतारू हो गये। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें डॉक्टर द्वारा पुलिसकर्मी की कॉलर पकड़कर मारपीट करते देखा जा सकता है।

घटना के संबंध में डॉ. कृष्णेन्द्र द्विवेदी का कहना है कि वह शासकीय कुशाभाऊ ठाकरे जिला चिकित्सालय में शिशु रोग विशेषज्ञ के तौर पर पदस्थ हैं। बीती रात एक इमरजेंसी कॉल के बाद वह अस्पताल से अपने घर लगभग सवा एक बजे पहुंचे। घर के बाहर गाड़ी से ही पत्नी को फोन करके दरवाजा खोलने के लिए कहा। इसी बीच वहां पुलिस का एक वाहन पहुंचा, जिसमें दो लोग मौजूद थे। उनमे से एक ने वर्दी पहन रखी थी, जबकि दूसरा सिविल ड्रेस में था। उक्त पुलिसकर्मियों ने पहले तो उनसे इतनी रात में बाहर सड़क किनारे खड़े होने के बारे में पूछा। जिस पर उन्होंने कहा कि यह सामने मेरा घर है, लेकिन उक्त पुलिसकर्मियों को उनकी बात गलत लगी और उन्होंने गालियां देना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उन्होंने गाड़ी से नीचे उतारकर मारपीट शुरू कर दिया। इस दौरान पत्नी और पिता घर से बाहर निकले और वह हाथ जोड़कर पुलिसकर्मियों से विनती करने लगे कि मत मारो। इतना ही नहीं मुझे पुलिस वाहन में जबरन बैठाकर सोहागपुर थाना ले आए। मुझे थाना लाने वाले पुलिसकर्मियों में एएसआई और एक अन्य सिविल ड्रेस वाला व्यक्ति था। थाना लाने के बाद दोनों मुझे जबरन लॉकअप के अंदर डाल दिए। वहां एएसआई समेत पांच से छ: अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा मेरे साथ डंडे एवं लात घूंसों से जमकर मारपीट की गई।

दोनों पक्षों में आक्रोश

इस घटना के बाद पुलिसकर्मियों में भी आक्रोश है। जबकि डॉक्टरों के संगठन का कहना है कि अगर उन्हें सुरक्षा नहीं मिलती, तो वे हड़ताल करने को विवश होंगे। शनिवार को डॉक्टरों ने कमिश्नर और आईजी को ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और वीडियो के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन वायरल वीडियो को साक्ष्य के तौर पर संज्ञान में लिया गया है।

डॉक्टर ने नहीं की शिकायत

इस मामले में एडिशनल एसपी अभिषेक दीवान का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने डॉक्टर से सिर्फ देर रात सड़क पर खड़े होने का कारण पूछा था, जिस पर कथित रूप से डॉक्टर ने अभद्रता की और फिर हाथापाई हो गई। उन्होंने स्वीकार किया कि इस दौरान पुलिसकर्मियों की ओर से मारपीट संभव है। हालांकि, अभी तक डॉक्टर की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। लेकिन जांच जारी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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