इजरायल के इस कदम से गाजा में बेहाल है लोगों का हाल, दयनीय हो गई है अस्पतालों में मरीजों की स्थिति

गाजा के अस्पतालों में...
छवि स्रोत: एपी
गाजा के अस्पतालों में बेहल हैं मरीज

खान यूनिस: गाजा में भोजन एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर इजरायल की ओर से प्रतिबंध लगाया गया है। ये प्रतिबंध 3 महीने पहले लगाए गए थे जिसका असर भी नजर आने लगा है। हालात ये हैं कि,  प्रतिबंध के कारण अस्पताल में मरीजों को पर्याप्त भोजन तक नहीं मिल पा रहा। ऐसी स्थिति में मरीजों के परिवारों को ही उनके लिए भोजन का प्रबंध करना पड़ रहा है।

कम हो गया है मरीजों का वजन

दक्षिणी शहर खान यूनिस के नासेर अस्पताल के जनरल सर्जन डॉ खालिद अलसेर ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) से कहा, ‘‘अधिकतर घायल मरीजों का खासकर पिछले 2 महीनों में वजन कम हो गया है।’’ उन्होंने कहा कि गहन देखभाल इकाई के मरीजों को भी पर्याप्त पोषण नहीं मिल पा रहा। उन्होंने कहा, ‘‘जब मरीजों के लिए सर्वोत्तम विकल्प चुनने की बात आती है तो हमारे हाथ बंधे होते हैं। विकल्प सीमित होते हैं।’’

बढ़ रही है कुपोषण की समस्या

गाजा के अस्पतालों में बेहल हैं मरीज

छवि स्रोत: एपी

गाजा के अस्पतालों में बेहल हैं मरीज

सहायता समूहों ने कहा कि गाजा में कुपोषण की समस्या बढ़ रही है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, पिछले महीने हजारों बच्चे गंभीर कुपोषण से पीड़ित पाए गए और वयस्कों को भी उचित पोषक तत्व नहीं मिल पा रहे हैं। अनुमान है कि इस साल 16,000 गर्भवती एवं हाल में मां बनीं महिलाएं कुपोषित हैं।

बदतर होते जा रहे हैं हालात

इजरायल ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर 2 मार्च को प्रतिबंध लगाया था जिसके बाद से भोजन के स्रोत समाप्त हो रहे हैं, सहायता समूहों ने भोजन वितरण बंद कर दिया है और बेकरी बंद हो गई हैं। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि पास्ता या दाल वितरित करने वाली अधिकतर आबादी के लिए अंतिम जीवनरेखा बनी हुई हैं लेकिन आपूर्ति की कमी के कारण वो भी तेजी से बंद हो रही हैं। बाजार में डिब्बाबंद सामान और थोड़ी मात्रा में सब्जियों के अलावा लगभग कुछ भी उपलब्ध नहीं है और कीमतें बढ़ रही हैं। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि स्थानीय सब्जियों का उत्पादन घट गया है क्योंकि इजरायली सेना ने गाजा की 80 प्रतिशत कृषि भूमि को नुकसान पहुंचाया है।

गाजा के अस्पतालों में बेहल हैं मरीज

छवि स्रोत: एपी

गाजा के अस्पतालों में बेहल हैं मरीज

इजरायल ने फिर शुरू किया है सैन्य अभियान

इजरायल ने कहा कि उसने मार्च में आपूर्ति पर रोक लगाई और अपना सैन्य अभियान फिर से शुरू किया ताकि हमास पर शेष बंधकों को छोड़ने और हथियार डालने के लिए दबाव डाला जा सके। हमास ने सात अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमला किया जिसके बाद से युद्ध शुरू हुआ। हमले में आतंकियों ने लगभग 1,200 लोगों की हत्या कर दी जिनमें ज्यादातर आम नागरिक थे और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इनमें से अधिकतर को युद्ध विराम समझौतों या अन्य समझौतों के तहत रिहा कर दिया गया है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हमास के हमले के बाद इजरायल के आक्रमण में 52,000 से अधिक फलस्तीनी मारे गए हैं जिनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं। (एपी)

यह भी पढ़ें:

सीजफायर को लेकर पाकिस्तान की तरफ से आया बड़ा बयान, बता दिया प्लान

नेपाल की सीमा के पास जोरदार भूकंप, भारत और भूटान में भी दिखा असर; घरों से निकले लोग

नवीनतम विश्व समाचार

Source link

Leave a Comment

Toggle Dark Mode